नई दिल्ली, अप्रैल 20 -- सचिवालय के भीतर एक बैठक अभी-अभी समाप्त हुई थी और अगली बारी थी सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक की। अधिकारी बैठक कक्ष में फाइलों के साथ तैयार बैठे थे, घड़ी की सुइयों पर नजरें टिकाए, सबको इंतजार था मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आने का। माहौल बिल्कुल वैसा ही था, जैसा हर बार होता है-रूटीन, पूर्व निर्धारित और औपचारिक। लेकिन इस बार कहानी ने अचानक करवट ली। मुख्यमंत्री उस बैठक में नहीं पहुंचे और यहीं से पूरे सिस्टम में हलचल मच गई। कोई समझ नहीं पा रहा था कि आखिर हुआ क्या है। अगले ही पल खबर आई मुख्यमंत्री ने अपना काफिला तैयार करा लिया है और वो सीधे निकल पड़े हैं, लेकिन सचिवालय की किसी बैठक के लिए नहीं, बल्कि जमीन पर सच्चाई देखने के लिए। विवेक मदान, वह शिकायतकर्ता जिसकी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित थी। कुछ ही मिनट...
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