जमशेदपुर, अप्रैल 10 -- जमशेदपुर स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में गुरुवार को इंजीनियरिंग घटकों के शेष जीवन आकलन (आरएलए 2026) विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया गया। इसमें रक्षा उपकरणों और औद्योगिक ढांचे की सुरक्षा व उनकी उपयोगिता अवधि को बढ़ाने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं रक्षा मंत्री के पूर्व सलाहकार डॉ. जी. सतीश रेड्डी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि मिसाइल और लड़ाकू विमानों जैसे संवेदनशील रक्षा उपकरणों की सुरक्षा से समझौता किए बिना उनकी सेवा अवधि बढ़ाने के लिए रिमैनिंग लाइफ असेसमेंट (आरएलए) यानी शेष जीवन आकलन तकनीक एक अनिवार्य स्तंभ है। डॉ. रेड्डी ने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्धक विमानों और मिसाइल ...