नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- आज के दौर में युद्ध केवल सीमाओं पर टैंकों या सैनिकों से नहीं लड़े जा रहे, बल्कि धरती से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में भी एक बड़ा संघर्ष चल रहा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव में अंतरिक्ष तकनीक सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरी है। सैटेलाइट और नेविगेशन सिस्टम अब तय कर रहे हैं कि हमला कहां होगा और कौन बचेगा। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पारंपरिक बमबारी शुरू करने से पहले ही उन्होंने ईरान के 'सैन्य अंतरिक्ष कमान' को निशाना बनाया था। इसे 'फर्स्ट मूवर' रणनीति कहा जाता है। इसका मकसद ईरान के संचार और जासूसी नेटवर्क को जाम करना था, ताकि वह अपनी जवाबी कार्रवाई का तालमेल न बिठा सके। आजकल के आधुनिक कमर्शियल सैटेलाइट ने युद्ध के मैदान को पारदर्शी बना दिया है।तस्वीरें दिखाना बंद उच्च-क्षमता वाली तस्वीरो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.