गोरखपुर, सितम्बर 24 -- गोरखपुर,राजीव दत्त पाण्डेय आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद गोरखपुर में भी ऐसे भवनों की जांच का सवाल खड़ा हो गया है। अदालत ने नगर निकायों को रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल की पहचान कर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और सीलिंग के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्रवाई में भेदभाव नहीं करने की बात कही है। यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: मिश्रित उपयोग की आड़ में चल रही व्यावसायिक गतिविधियांव्यावसायिक गतिविधियों का प्रभाव इसका सीधा असर गोरखपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में दिखाई देने वाले उन भवनों पर पड़ सकता है, जहां आवासीय स्वीकृति के बावजूद दुकान, रेस्त्रां, कार्यालय, जिम या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। देवरिया बाईपास स्थित बुद्ध विहार पार्ट बी और स...