योगेश जोशी, अक्टूबर 2 -- Rampur Tiraha Golikand: आज रामपुर तिराहा गोलीकांड की 31वीं बरसी है। 1994 में आज ही के दिन उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर यूपी पुलिस ने बर्बरता दिखाई थी। 31 साल पहले आंदोलनकारियों पर ऐसा कहर बरपा था, जिसने जलियावाला बाग हत्याकांड की याद ताजा कर दी थी। चंपावत के नवीन भट्ट अपने दम आज भी रामपुर तिराहा कांड की लड़ाई लड़ रहे हैं। सीबीआई ने उन्हें इस हत्याकांड का मुख्य गवाह बनाया है। रामपुर तिराहा कांड पर सरकार की अनदेखी से नवीन बेहद आहत हैं। स्थिति यह है कि वह गवाही देने निजी खर्च पर मुजफ्फरनगर जाते हैं। नवीन लंबे समय से मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। खेतीखान के कानाकोट निवासी नवीन भट्ट 30 साल से अपने खर्चें से मुजफ्फरनगर की अदालत में गवाही देने जाते रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें सरकार से उन...
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