बगहा, मार्च 13 -- मिलावटी सामान के इस्तेमाल से कुसमय लोग बीमार हो रहे हैं। दूध, पनीर, मक्खन, मसाला आदि में मिलावटी सामानों का प्रचलन बढ़ गया है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इतना ही नहीं सब्जी और फलों को सुरक्षित रखने और उसका रंग बदलने के लिए केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। यह मानव जीवन के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है। इसकी नियमित जांच नहीं होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। पश्चिम चंपारण जिले में लगभग 14 लाख लीटर दूध का उत्पादन प्रतिदिन होता है। इसके अलावे सुधा, मदर डेयरी समेत अन्य कंपनियों के दूूध भी दूसरे राज्यों से यहां आती है। इसके बावजूद मिलावटी दूध, मिलावटी पनीर, मक्खन, मिठाइयां आदि की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। शहर से लेकर गांव तक तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है। बड़े-बड़े होटल, ढाबे, चौक चौराहों पर छोटी-...