कानपुर, जून 6 -- कानपुर देहात, संवाददाता। सरकार भले ही मिलावट को लेकर कड़े कानून बना लें लेकिन मिलावट करने वालों की सेहत पर कोई फर्क नहीं दिखाई दे रहा है। इतना ही बढ़ती महंगाई के साथ ही मिलावटखोरों की संख्या बढ़ती जा रही है। बाजार में किस चीज में अब मिलावट नहीं है इस पर भरोसा करना बेहद कठिन है। इसके बावजूद भी मिलावट की जांच करने वाला विभाग सुसुप्त अवस्था में हैं। त्योहारों के पहले या शासन के विशेष निर्देश पर ही अधिकारियों निंद्रा टूटती है। वहीं जिले के ज्यादातर लोगों को मिलावट की शिकायत कहां करनी है इसकी जानकारी ही नहीं है। डीएम के यहां ही शिकायत होने पर विभाग सक्रिय होता है। 30 लाख की आबादी वाले जिले में विभाग ने साल भर में 556 खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिये भेजे। इसमें 222 सैंपल फेल हो गए। यह भी पढ़ें- दूध, पनीर, मावा के नमूने फेल, स...