बाराबंकी, जुलाई 4 -- बाराबंकी। अपर मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट रुचि तिवारी ने मिलावटी उर्वरक का स्टॉक रखने के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को तीन वर्ष के साधारण कारावास और दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक, अमरेश विक्रम सिंह ने बताया कि 25 नवंबर 2007 को तत्कालीन अपर जिला कृषि अधिकारी, एसएनउपाध्याय ने मुखबिर की सूचना पर मेसर्स वर्मा खाद भंडार, नेवला, विकास खंड मसौली के प्रतिष्ठान ओरियंटल ब्रास ब्रांड एनपीके का नमूना संग्रहित किया था। जिसे प्रयोगशाला में जांच कराए जाने पर मानक के विपरीत पाया गया। कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए हरिश्चंद्र वर्मा को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा व दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यह भी पढ़ें- Nawada News: जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध, धान की नर्सरी तैयार ...