लखनऊ, मई 13 -- उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुलायम सिंह यादव का परिवार हमेशा से सत्ता, शक्ति और सुर्खियों के केंद्र में रहा है। जहां सत्ता होती है, वहां महत्वाकांक्षाओं का टकराव होना आम बात है। समाजवादी पार्टी के भीतर हमने चाचा-भतीजे (शिवपाल और अखिलेश) की जंग देखी, पिता-पुत्र के बीच तल्खियां देखीं, लेकिन इस पूरे राजनीतिक शोर-शराबे के बीच एक रिश्ता ऐसा था जो हमेशा खामोश, लेकिन बेहद सधा हुआ रहा- अखिलेश यादव और उनके सौतेले भाई प्रतीक यादव का रिश्ता। प्रतीक यादव के निधन ने उस शख्सियत को दोबारा चर्चा में ला दिया है, जिसने देश के सबसे बड़े राजनीतिक कुनबे का हिस्सा होने के बावजूद, कभी भी अपने बड़े भाई के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा और न ही कभी उनकी राजनीतिक राह में रोड़ा बने।पारिवारिक पृष्ठभूमि: दो आंगन, एक पिता की छत्रछाया अखिलेश और प्रतीक के रिश्ते ...