हमीरपुर, जनवरी 24 -- मौदहा, संवाददाता। ग्राम चिल्ला डेरा के शिवालय मंदिर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता की कथा सुनाई। कथा सुनने को श्रोताओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा ब्यास हरीनारायण शास्त्री ने विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिए। उन्होंने सातवें दिन श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा से समझा जा सकता हैं। सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचा। द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे द्वार पर द्वार पालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं। द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना, प्रभु सुदामा-सुदामा कहते हुए तेजी से ...