संभल, फरवरी 26 -- ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का असर अब मिट्टी की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तापमान में वृद्धि और जैविक खाद के घटते उपयोग के कारण मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की संख्या तेजी से कम हो रही है, जिससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इसका असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। कृषि विज्ञान केंद्र पल्था में की गई मृदा जांच में सामने आया है कि पहले एक ग्राम स्वस्थ मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की संख्या पांच करोड़ से अधिक होती थी, जो अब घटकर लगभग डेढ़ करोड़ रह गई है। केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. महावीर सिंह के अनुसार बढ़ता तापमान, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता और जैविक खाद के कम उपयोग से सूक्ष्म जीवों का संसार नष्ट हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 50 वर्ष पहले मिट्टी में कार्बनिक तत्व (ऑर्गेनिक मैटर) का प्र...
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