अंबेडकर नगर, अगस्त 11 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। खेतों में अंधाधुंध उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है। मिट्टी की उर्वराशक्ति बचाने के लिए उसकी जांच जरूरी है। इसके लिए कृषि विभाग को खरीफ में 4100 नमूनों की जांच का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। विभागीय टीम द्वारा एकत्र किए गए नमूनों का मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषण का कार्य चल रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि खेतों में मिट्टी की उर्वरा शक्ति कायम रहने पर ही फसलों में अच्छी पैदावार होगी। मिट्टी के सेहत की समय-समय पर जांच कराना जरूरी होता है। कृषि विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में परीक्षण कर किसानों को मृदा कार्ड उपलब्ध कराए जाते हैं। इसमें मिट्टी में जो भी कमी रहती है उसकी पूर्ति के लिए सुझाव भी दिए जाते हैं। मृदा परीक्षण,...