झांसी, मई 18 -- झांसी,संवाददाता यदि किसान गर्मियों में खेत की मिट्टी की सेहत को सुधारना चाहता है तो वह गर्मियों में खेत की जुताई कर दे। यह बात जिला कृषि रक्षा अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने कही। यह भी पढ़ें- किसान खाली खेतों में ढैंचा की बुवाई कर बढ़ाएं उर्वराशक्ति डॉ प्रदीप जुताई के लाभ उन्होनें बताया कि जुताई आदि कम लागत मे परम्परागत कृषि विधियो जैसे-बुवाई, फसलचक, सहफसली खेती. ग्रीष्मकालीन होता है कीट एवं रोग नियंत्रण की आधुनिकत्वपूर्ण है अपनाने से जलन परम्परागत विधियों को अपनाने गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त करने के लिये महत्वपूर्ण है इनको अपनाने से जल, वायु, मृदा व पर्यायवरण प्रदूषण कम पर बल दिया जाता है।ग्रीष्मकालीन जुताई का उद्देश्य ग्रीष्मकालीन जुताई मानसून के महीने में की जाती है ग्रीष्मकालीन जुताई के लाभ के व्यापक प्रचार प्रसार कराने हे...