चित्रकूट, अप्रैल 20 -- चित्रकूट। कर्वी ब्लाक के छिपनी बाहरखेड़ा गांव में इफ्को की टीम ने किसानों को मिट्टी का नमूना लेने की विधि बताई। इसके साथ ही फसल अवशेष न जलाने की सलाह दी। किसानों को मिट्टी एकत्र करने के लिए नमूना पत्रक एवं थैलियां दी गई। किसानों को मिट्टी की गिरती हुई उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए जैव उर्वरकों की भूमिका समझाया। गांव की सड़कों के किनारे लगे गोबर के ढेर को वेस्ट डिकंपोजर कंपोजर से सडाकर गुणवत्ता युक्त कंपोस्ट खाद बनाने पर जोर दिया गया। यह भी पढ़ें- कृषक संगोष्ठी में नैनो उर्वरक उपयोगिता की दी जानकारी यह भी पढ़ें- किशनगंज : उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर किसानों को दी गई विस्तृत जानकारी यह भी पढ़ें- फसल अवशेष जलाने से नष्ट हो जाती हजारों रुपये की उर्वरता

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्...