नवादा, मार्च 8 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। साल भर के इस्लामी महीनों में सबसे अफजल और फजीलत वाला महीना रमजान-उल-मुबारक पूरे अकीदत और एहतराम के साथ जारी है। यह वह मुकद्दस महीना है, जो न केवल बंदे को अपने मालिक-ए-हकीकी के करीब ला रहा है, बल्कि समाज में इंसानियत और हमदर्दी का पैगाम भी दे रहा है। सभी अपने गुनाहों की माफी के लिए शिद्दत से जुटे हैं। ​नेक अमल और इबादतों का दौर की जानकारी देते हुए इस्लामिक स्कॉलर, शिक्षाविद सह प्रसिद्ध शायर रेजा तस्लीम ने बताया कि ​रमजान के इस रूहानी दौर में हर नेक अमल का सवाब (पुण्य) कई गुना बढ़ा दिया जाता है। जिले के तमाम मस्जिदों और घरों में इबादतों का सिलसिला जारी है। लोग सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक कड़े अनुशासन के साथ रोजा रख रहे हैं। यह सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह नफ्स (स्वयं) को त...