चंदौली, फरवरी 28 -- चंदौली, संवाददाता। माह-ए-रमजान का पहला अशरा शनिवार को खत्म हो गया। अब दूसरा अशरा रविवार 11वें रोजे से शुरू हो गया है। इस अशरे में गुनाह माफ कर दिए जाते हैं इसलिए रोजेदारों को पांच वक्त की नमाज पढ़ने के साथ ही अन्य इबादतों और कुरआन की तिलावत करने के और अपने गुनाहों की खूब माफी तलाफी करनी चाहिए। साथ ही मगफिरत की दुआएं करनी चाहिए। क्योंकि इस महीने में रोजेदारों की दुआएं कबूल होती हैं। यह बातें कारी अली अहमद ने नगर स्थित जामियां इत्तेहादुल उलूम मदरसे में हदीस बयान करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मुकद्दस रमजान माह को तीन हिस्सों यानि अशरा में बांटा गया है। इसमें एक अशरा 10 दिन का होता हैं। पहला अशरा रहमत का होता है। हदीस में है कि रमजान की शुरुआत रहमत से होती है। इस दौरान रोजेदार ज्यादा से ज्यादा इबादत करता है और अपनी जिंदगी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.