मालिनी ने सिखाईं कजरी की बारीकियां
वाराणसी, जुलाई 29 -- वाराणसी। गुरुपूर्णिमा पर आयोजित पांच दिवसीय कजरी कार्यशाला में लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने बुधवार को इस विधा के गुर सिखाए। कार्यशाला की थीम 'रिमझिम बरसे बदरिया' रखी गई थी। इसमें युवा कलाकारों को पूर्वांचल सहित लखनऊ, सीतापुर, प्रतापगढ़ और उन्नाव की लोक संगीत गायन शैलियों का प्रशिक्षण दिया गया। गंगोत्री क्रूज पर आयोजित इस कार्यशाला में मालिनी अवस्थी ने युवा संगीत साधकों को कजरी के साथ-साथ दादरा, झूला, चैती और अवधी लोकगीतों से परिचित कराया। उन्होंने लोकगीतों की भाव-भंगिमा, सुरों के उठान, शब्दों के उच्चारण और प्रस्तुति की बारीकियां समझाते हुए कलाकारों को पारंपरिक लोक संगीत की गहराई से अवगत कराया। सचल कार्यशाला के अंतिम दिन कलाकारों की प्रतिभा का परीक्षण भी किया गया। 'झूला धीरे से झुलाओ बनवारी, अरे सावरिया...' गीत...
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