हजारीबाग, मार्च 12 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि हजारीबाग में मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल बोरिंग जवाब देने लगे हैं। इससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जमीन के अंदर का वाटर लेवल में तेजी से गिरावट आने के कारण कई जगह चापाकल अब हांफने लगे हैं। जिले को पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण हजारीबाग में पीने के पानी के प्राकृतिक स्रोत सीमित हैं।पानी की कमी के कारण ग्रामीणों को लंबी दूरी तय प्यास बुझानी पड़ रही है। वहीं शहर में खरीदकर पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।हजारीबाग का छड़वा डैम का सूखता पानी आगामी जल संकट का संकेत दे रहा है। दरअसल छड़वा डैम कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। जिससे शहर में जल संकट की स्थिति बनी हुई है। इससे जलापूर्ति में बाधा आ रही है। हजारीबाग...