गोंडा, जनवरी 10 -- बालपुर। कागजों में सब चकाचक लेकिन मौके पर स्थिति एकदम उलट। जिसका नमूना नकही रजबहा माइनर नहर है। नहर की साफ - सफाई के नाम पर लाखों रूपये निकाले जा चुके हैं लेकिन न नहरों की सफाई हुई और न ही किसानों के खेतों तक पानी पहुंचा।  नहरों में लगे झाड़ - झंखाड से  विभाग के दावों की पोल खुलती नजर आ रही हैं। इस खेल में विभाग के अधिकारी और ठेकेदार दोनों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। नकही रजबहा माइनर के अंतर्गत देवापसिया माइनर, मनकापुर माइनर, सर्वांगपुर माइनर, जगतापुर, नकही रजवाहा, भैरमपुर, छिटनापुर, पूरे बहोरी, घोवहाराय, झोहना, बालपुर हजारी, परसौना, कठेलाताल, रायगढ़, नगवाकला, सनौली, मोहम्मद रजवाहा सहित दर्जनों रजवाहों एवं माइनरों की स्क्रैपिंग एवं शील्ड सफाई कार्य होना था। जिससे किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके लेकिन टेल त...