प्रयागराज, मार्च 21 -- नई कहानी आंदोलन के प्रमुख हस्ताक्षर कहानीकार मार्कण्डेय की स्मृति में शनिवार को एकांकी कुंज राजापुर में परिचर्चा हुई। रमेश ग्रोवर, प्रो. अनिता गोपेश, प्रो. प्रणय कृष्ण और रामजी राय ने मार्कण्डेय द्वारा स्थापित पत्रिका कथा के 26वें अंक का लोकार्पण किया। इविवि हिंदी विभाग के प्रो. सूर्य नारायण ने मार्कण्डेय की कहानी जूते पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कहानी में एक गरीब बच्चे के मन में जूते की महत्वाकांक्षा और उसके लिए बच्चे की यातना को सांकेतिक ढंग से अभिव्यक्त किया गया है। रामजी राय ने कहा कि मार्कण्डेय की कहानियों में मनुष्यता को बचा लेने की एक कोशिश मौजूद रहती है। संतोष चतुर्वेदी ने मार्कण्डेय ने संस्मरण साझा किये। सुजीत सिंह ने कहा कि मार्कण्डेय ने ग्रामीण जीवन को मुंशी प्रेमचंद के बाद सबसे सशक्त ढंग से चित्रि...
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