कटिहार, मार्च 12 -- कटिहार। निज संवाददाता होली पर्व की समाप्ति के एक सप्ताह बाद चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतला माता की पूजा अर्चना मारवाड़ी समाज द्वारा की जाती है। बुधवार को सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं और भक्तजनों की भीड़ लगी रही। शीतला मंदिर को बड़े ही आकर्षक ढंग से सजाया गया था। गौरतलब है कि इस पर्व पर एक दिन पूर्व बना ही भोजन दूसरे दिन माता शीतला को ठंडा भोजन का भोग लगाते हैं और उसके बाद परिवार द्वारा ग्रहण किया जाता है। माता को भोग में मीठी पकौड़ी, मीठा भात, दही, राबड़ी एवं बाजरा का भोग लगाया जाता है। शीतला अष्टमी को बासौड़ा भी कहा जाता है। माता को चढ़ाया गया जल घर लाकर उसका छिड़काव करते हैं ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश घर में हो सके। शीतला माता को कष्ट हरने वाली माता कहा जाता है। उनकी सवारी गधा है। उनके एक हाथ में ...