बागपत, जून 7 -- बागपत। 27 साल पहले मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में अब आरोपी ने अपनी वृद्धावस्था और बीमारी का हवाला देते हुए न्यायालय में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। साथ ही न्यायाधीश से कम से कम सजा और अर्थदंड लगाने की गुहार लगाई। पत्रावली पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने बुर्जुग को न्यायालय उठने तक कोर्ट में मौजूद रहने की सजा सुनाई। एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। बागपत कोतवाली क्षेत्र के सरूरपुर कलां गांव निवासी धारा सिंह ने 26 जून 1999 को अपने गांव के ही राजेंद्र समेत तीन लोगों पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियोजन अधिकारी अभिराम गौतम ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। आरोपी राजेंद्र की पत्रावली मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनिन्द्रपाल सिंह की अ...