कानपुर, जुलाई 24 -- कानपुर देहात,संवाददाता। बिल्हौर क्षेत्र के इंदलापुर गांव में करीब पच्चीस साल पहले जानवर के खूंटा गाड़ने के विवाद में दलित वर्ग की महिला से हुई मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत ने पिता-पुत्र सहित चार आरोपितों को दोषी ठहराते हुए उन्हें तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक पर सात-सात हजार रूपये जुर्माना भी लगाया है।

मामले का विवरण विशेष लोक अभियोजक राम रक्षित शर्मा ने बताया कि बिल्हौर क्षेत्र के इंदलापुर गांव की रहने वाली मुन्नी देवी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसके घर के पास जानवरों के बांधने की जगह है जहां पर नाली निर्माण के दौरान उसके जानवरों के खूंटे उखाड़ दिए गए थे। 9 दिसंबर 2001 को पड़ोसी मेवा कटियार वहां खूंटा गाड़ने लगा। इसका उ...