बदायूं, जून 12 -- जातिसूचक शब्द के प्रयोग और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी राजवीर सिंह ने जातिसूचक शब्दों के प्रयोग में आरोपी को दोषी नहीं पाया, बल्कि मारपीट और जान से मारने की धमकी देने में दोषी पाते हुए दस हजार रुपये का जुर्माना डाला है। विशेष लोक अभियोजक ऐश्वर्या और जितेंद्र सिंह के अनुसार परिवादिनी रंजना निवासी गांव मचलई थाना मूसाझाग ने अनेक पाल सिंह के विरुद्ध न्यायालय में धारा 156 (3) में अर्जी दाखिल की थी। जिसको न्यायालय ने 28 मई 2018 को नेपाल सिंह के विरुद्ध धारा 504, 506 और एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने का आदेश पारित किया था। प्रार्थना पत्र में कहा गया की वह अनुसूचित जाति की महिला है उसका पति वेद प्रकाश भट्टे पर कच्ची ईंट पथवाने का ठेका लेते हैं। यह भी पढ़ें- मारपीट, जान से मारने की धमकी द...