सहरसा, फरवरी 10 -- महिषी, एक संवाददाता। विगत रविवार से आरंभ श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन सोमवार को वृंदावन से आईं राष्ट्रीय स्तर की कथावाचिका देवी पूर्णिमा गार्गी ने भावपूर्ण प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि एकाग्रचित होकर भगवान शिव की आराधना करने से ही मनुष्य को मोक्ष, मुक्ति और जीवन की वास्तविक सार्थकता प्राप्त होती है। भगवान शिव की महिमा का पूर्ण वर्णन करना किसी के वश की बात नहीं है। कथावाचन के दौरान उन्होंने शिव महापुराण के रचनाकार एवं इसके निर्माण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऋषि-मुनियों और विद्वानों द्वारा रचित वेद व उपनिषद मानव कल्याण के लिए हैं। उन्होंने बताया कि भगवान शिव ऐसे देवाधिदेव हैं, जिन्हें 56 भोगों की नहीं, बल्कि श्रद्धा से अर्पित एक बेलपत्र और एक लोटा जल ही प्रसन्न कर देता है। देवी पूर्णिमा गार्गी ने कलियुग ...