हापुड़, जून 17 -- मानसून आने वाला है लेकिन शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा रही है। बरसात से पहले नालों की सफाई केवल कागजों तक ही सीमित है। नगर पालिका ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। ऐसे में यह कहना मुश्किल नहीं है कि बरसात के दिनों में लोगों को जलभराव की समस्या से परेशान होना पड़ेगा। हालांकि पालिका के दावे आज भी सफाई को लेकर कुछ ओर ही है। शहर को साफ-स्वच्छ रखने का जिम्मा नगर पालिका परिषद हापुड़ के पास है। जिला मुख्यालय की पालिका होने से लोगों को आकाक्षाएं भी बहुत है, इसलिए पालिका सफाई पर हर साल करोड़ों रूपए पानी की तरह बहाती है। इस बजट से नालों-नालियों की सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, कूड़ा परिवहन, कूड़ा निस्तारण आदि का कार्य किया जाता है, लेकिन इतना सब होने के बावजूद शहर के नालों में गंदगी अटी पड़ी है। अधिकांश नाले चौक पड़े...