हजारीबाग, जुलाई 12 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि यह भी पढ़ें- Simdega News: डूबने की घटनाओं के बाद भी नहीं लगे चेतावनी बोर्ड मानसून शुरू होने के साथ ही हजारीबाग के नदी-जलाशय और तालाब खतरनाक बन गए हैं। हर साल बरसात के मौसम में डूबने से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही हर बार एक नई त्रासदी को दावत दे रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक फैला जल निकायों का जाल अब लोगों के लिए काल का ग्रास बन चुका है। हजारीबाग के कई प्रमुख जल स्रोत अब डेंजर जोन में बदल चुके हैं। शहर में झील, खंजाची तालाब, इचाक का लोटवा डैम, छड़वा डैम, चमेली झरना, खजांची तालाब, बोकारो नदी, बराकर और खावा नदी में डूबने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। बड़कागांव विष्णुगढ़ तो और दारू प्रखंड में भी डूब कर मौत होने की घटनाएं आम है।आंकड़ों पर ग...