गोंडा, जून 26 -- गोण्डा, संवाददाता। जिले में मानसून की देरी का असर खेती-किसानी पर पड़ने लगा है। सामान्य तौर पर जून के दूसरे सप्ताह में मानसून की सक्रियता बढ़ जाती थी। इससे किसान धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू कर देते थे। लेकिन इस बार बारिश नहीं होने और लगातार पड़ रही भीषण गर्मी से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले के अधिकांश किसान धान, मक्का, अरहर, उड़द,तिल और गन्ना की खेती पर निर्भर हैं। समय पर बारिश नहीं होने से धान की नर्सरी तैयार करने और खेतों की जुताई का कार्य प्रभावित हो रहा है। यह भी पढ़ें- रोहिणी के बाद मृगशिरा ने भी रुलाया, किसानों की बढ़ी चिंता अगर मानसून में और देरी हुई तो फसलों की बुवाई भी पीछे पिछड़ सकती है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है क...