सिमडेगा, जून 19 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। मानसून की दस्तक के साथ ही जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। पिछले कुछ दिनों में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में सर्पदंश से लगातार मौतें होने की खबरें सामने आई हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन मौतों की सबसे बड़ी वजह समय पर अस्पताल नहीं पहुंचना और झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय गंवा देना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग सांप काटने के बाद पहले ओझा-गुनी और झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं। इस दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जाती है। जब तक उसे अस्पताल लाया जाता है, तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका होता है। जबकि चिकित्सकों की मानें तो सर्पदंश के मामलों में शुरुआती एक-दो घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस दौरान मरीज को सही उपचार मिल जाए तो अधिकांश मामलों में जान बचाई जा सकती है। यह भी...