प्रयागराज, मार्च 13 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में शुक्रवार को प्रो. धीरेन्द्र वर्मा शताब्दी सभागार में 'छात्र जीवन में अवसाद: कारण और उपचार' विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. मालविका राव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य चिंतन, बोध, अधिगम और भावनात्मक संतुलन का समन्वित रूप है। उन्होंने कहा मानसिक स्वास्थ्य वैकल्पिक नहीं है, यह आधारभूत है। चिंता, तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं सामान्य हैं, लेकिन लोग अक्सर इनके लक्षणों को पहचानने में असफल रहते हैं।उन्होंने बताया कि नींद में व्यवधान, सामाजिक अलगाव, अत्यधिक चिंता और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसे संकेत मानसिक तनाव के लक्षण हो सकते हैं। डॉ. राव ने यह भी कहा कि मोबाइल की अत्यधिक आसक्ति भी सामाजिक अलगाव को बढ़ाती ...