वाराणसी, जुलाई 26 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में तेजी से हो रहे तकनीकी विकास ने मनोरोग के उपचार की नई संभावनाएं खोली हैं। न्यूरोमॉड्यूलेशन भविष्य में सटीक, सुरक्षित और प्रभावी मानसिक रोग उपचार का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

नई तकनीकों का महत्व आईएमएस-बीएचयू के मनोरोग विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय पोस्ट ग्रेजुएट डेवलपमेंट प्रोग्राम (पीजीडीपी-2026) के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम युवा चिकित्सकों को विश्व स्तर की आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। आईएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि ट्रांसक्रेनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन और ट्रांसक्रेनियल डायरेक्ट करंट स्टिमुलेशन जैसी आधुनिक तकनीकों...