मुरादाबाद, जनवरी 8 -- मुरादाबाद। गोविंद नगर स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में गुरुवार को चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास धीरशांत दास ने कहा मानव समाज के चार रूप संसार में विकसित हुए। शारीरिक विभाजन में मुंह, हाथ, कमर और पैर हैं। जो मुख पर स्थित होते हैं वह ब्राह्मण कहलाते हैं। भुजाओं पर स्थित को क्षत्रिय कहते हैं। कमर पर स्थित वाले वैश्य और पैरों पर स्थित वालों को शुद्र कहा जाता है। व्यवस्था में महंत राघव दास सहित पुजारी महेंद्र दास, चंदर प्रजापति, जटूर सिंह फौजी, डा. जगदीश शर्मा, होराम सैनी, विनीत सिंह, वीरपाल सिंह, उदयराज सिंह, अ्रज किशोर सक्सेना, सूरज कश्यप, राजेश शर्मा आदि शामिल रहे।

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