गया, जून 29 -- 21वीं सदी में मानव संसाधन किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है तथा बिहार प्रतिभाशाली एवं सक्षम मानव संसाधनों से समृद्ध है। राज्य के समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि यही सतत सामाजिक-आर्थिक विकास तथा राष्ट्र निर्माण के प्रमुख आधार हैं। उक्त वक्तव्य भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), बोधगया की निदेशक प्रो. विनीता सहाय ने दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीटीपीपी) योजना के अंतर्गत आयोजित 24 दिवसीय आवासीय 'गुरु दक्षता कार्यक्रम' (फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम - एफआईपी) में विशेषज्ञ वक्ता के रूप दी। प्रो. सहाय ने 'शैक्षणिक नेतृत्व एवं सुशासन' विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को उत्...