पटना, अप्रैल 28 -- बढ़ती गर्मी, तपती धरती और हीटवेव के कारण हीट स्ट्रोक की घटना बढ़ती जा रही है। इसके लिए मानव मस्तिष्क में मौजूद हाइपोथैलेमस नाम का एक विशेष केंद्र बनता है। अधिक तापमान में पांच से आठ घंटे तक रहने पर सबसे पहले मस्तिष्क पर असर होता है और हीट स्ट्रोक या लू लग जाती है। यह शोध अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना ने किया है। शोध का प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय जर्नल मेडिको लीगल जर्नल के अंक में ए हाईपोथैलेमस सेंटर्ड पैथोजेनिसिस ऑफ हीट स्ट्रोक डेथ्स-ए पोस्टमॉर्टम बेस्ड ह्यूमन स्टडी शीर्षक से हुआ है। शोध एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग ने एनाटॉमी और पैथोलॉजी विभाग के सहयोग से किया है। शोध की जानकारी देते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार रस्तोगी ने बताया कि मानव शरीर का तापमान अग्र हाइपोथैलेमस द्वारा किया जाता है। यह मस्तिष्...