गोरखपुर, अक्टूबर 2 -- गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। मानव तस्करी के मामलों में अब केवल एजेंट या निचले स्तर के आरोपियों पर कार्रवाई कर जांच बंद नहीं की जा सकेगी। केंद्र सरकार ने तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच कर सरगना और फाइनेंसर तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय से जारी एडवाइजरी में तस्करी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाने, फोरेंसिक जांच कराने और आरोपियों की संपत्ति जब्त करने पर जोर दिया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि मानव तस्करी अक्सर संगठित सिंडिकेट के जरिये होती है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत पूरे आपराधिक नेटवर्क को निशाना बनाया जाए। भर्ती, परिवहन और शोषण की पूरी कड़ी की पहचान कर प्रत्येक भूमिका के साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। नाबालिगों और एक से अधिक पीड़ितों वाले मामलों में कड़ी कार्रवाई करने को ...