जमशेदपुर, जून 17 -- एडीजे-3 की अदालत से सोमवार को मानव तस्करी के दो आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए। रेल थाना में टाटानगर आरपीएफ ने वीरेंद्र मेहता एवं रंभू मेहता के खिलाफ ट्रेन द्वारा मानव तस्करी करने का मामला दर्ज कराया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रवीण सिंह ने बताया कि छह गवाहों के परीक्षण से भी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हो सका। मालूम हो कि जनवरी 2017 में आरपीएफ जवानों ने टाटानगर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच से सात-आठ नाबालिगों को संदेह में पकड़ा था। पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा नाबालिगों को काम कराने के लिए दूसरे शहर ले जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद नाबालिगों को परिजनों के सुपुर्द कर आरोपियों को जेल भेजा गया था।

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