नई दिल्ली, जनवरी 23 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मानव तस्करी के आरोपों की गंभीरता पर विचार किए बगैर आरोपी को जमानत पर रिहा किए जाने के लिए हल्के-फुल्के आदेश पारित करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट उच्च न्यायालय की कड़ी खिंचाई की। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने जमानत के इस आदेश को चुनौती नहीं देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाया है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस विनोद के चंद्रन की पीठ ने कहा कि जब उच्च न्यायालय ने आरोपी को जमानत दे दी तो राज्य सरकार ने उस आदेश को चुनौती देने के लिए गंभीरता क्यों नहीं दिखाई। पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा मानव तस्करी मामले में आरोपी महिला को जमानत देने के आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि 'इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता और महत...
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