कानपुर, फरवरी 3 -- कानपुर। श्रीमद्भगवद् गीता भारतीय संस्कृति का अमूल्य ग्रंथ है जो मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन की भूमिका निभाता है। यह बात पूर्व अपर कमिश्नर आयकर नरेश कुमार नैब ने कही। वे सीएसजेएमयू और संस्कृत विभाग दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे। संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि डॉ. रामकिशोर ने व्यवस्थित दिनचर्या और अभ्यास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भगवद् गीता में छठवें अध्याय में अभ्यास की चर्चा की गई है। प्राचार्या प्रो. वन्दना निगम ने गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा ने दैनिक जीवन में गीता को कैसे अपनाया जाए, इस पर चर्चा की। कार्यक्रम में गीता आधारित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। निबन्ध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आस्था शुक्ला और भाष...