सिद्धार्थ, मार्च 17 -- तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक के पचऊथ में चल रहे पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ व पावन प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिन रविवार की शाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास डॉ. राहुल देव त्रिपाठी ने प्रज्ञा पुराण की महिमा बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों के दु:खों को दूर करने का प्रयास करता है और दूसरों के सुख से सुखी होता है, वही ईश्वर की कृपा का सच्चा अधिकारी बनता है। उन्होंने कहा कि मानव जन्म ईश्वर का अनमोल उपहार है, जो बार-बार नहीं मिलता। मनुष्य को अपने जीवन को सद्कर्मों में लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कर्मों के फल से कोई भी बच नहीं सकता। मनुष्य जैसा कर्म करता है उसे वैसा ही फल अवश्य मिलता है। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि जीवन स्वयं एक प्रत्यक्ष देवता है। जिसकी सच्चे मन से साधना और पूजा करने पर मनुष...