रांची, अप्रैल 25 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के वेटनरी कॉलेज में शनिवार को पशुचिकित्सा दिवस समारोह आयोजित किया गया। इसमें कुलपति डॉ एससी दुबे ने कहा कि पशु चिकित्सकों का पेशा मानव चिकित्सकों की तुलना में अधिक पवित्र है, क्योंकि वे उन मूक पशुओं और पक्षियों की सेवा करते हैं जो अपनी बीमारी, दर्द, समस्याओं और लक्षणों को व्यक्त नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर पशु स्वास्थ्य के संरक्षक के रूप में उनका जीवन अत्यंत कठिन होता है और पशुओं का स्वास्थ्य सीधे तौर पर मनुष्यों और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है। कुलपति ने कहा कि मानव स्वास्थ्य सेवा में उपयोग से पहले सभी तकनीकों, दवाओं और प्रक्रियाओं का परीक्षण पशुओं पर किया जाता है। यह भी पढ़ें- केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान ने मनाया विश्व पशु चिकित्सा दिवस 2026 कुलपति ...