मैनपुरी, जनवरी 16 -- बेवर, क्षेत्र के ग्राम रायपुर में चल रही भागवत कथा के तृतीय दिवस की कथा में कथा व्यास रजनेश कुमार शास्त्री ने समुद्र मंथन की बहुत ही रोचक एवं सारगर्भित कथा सुनाते हुए बताया कि यह संसार भगवान का सुंदर बगीचा है। यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में भिन्न भिन्न प्रकार के फूल खिले हुए हैं। अकेले मानव के पास ही परमात्मा को पाने का अवसर है। देवता भी इसके लिए तरसते हैं। कथावाचक रजनेश कुमार शास्त्री ने बताया कि जब जब कोई अपने गलत कर्मों द्वारा इस संसार रूपी बगीचे को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करता है तब तब भगवान अवतार लेकर सज्जनों का उद्धार और दुर्जनों का संघार किया करते हैं। कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है। मनुष्य के अच्छे और बुरे विचार ही देवता और दानव के द्वारा किया जाने वाला मंथन है। कभी हमारे अंदर अच्छे विचारों का चिंतन म...
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