वाराणसी, दिसम्बर 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। गजलें मानवीय संकटों और संवेदनाओं को उजागर करती हैं। यह बात वरिष्ठ पत्रकार प्रो. राममोहन पाठक अरुण कुमार केशरी के गजल संग्रह 'अमानत-ए-अवाम' के विमोचन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। सिगरा स्थित सेंटर फॉर सनातन रिसर्च के सभागार में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि अरुण केशरी की ग़ज़लों में मानवता और दृढ़ संकल्प जैसे शाश्वत मूल्यों की वकालत है। अध्यक्षता करते हुए अवकाश प्राप्त न्यायाधीश चंद्रभाल सुकुमार ने कहा कि यह संग्रह पाठकों के दिलों को छूने में सक्षम है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अत्रि भारद्वाज ने कहा कि अरुण केशरी की ग़ज़लें जनवादी दृष्टिकोण के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों की पैरवी करती हैं। नवगीतकार सुरेंद्र वाजपेयी ने संग्रह में शामिल ग़ज़लें आधुनिक जीवन के संघर्षों को खूबसूरती से व्यक्त करती है...
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