हमीरपुर, अप्रैल 16 -- मौदहा, संवाददाता। कस्बे के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रवेश से वंचित एक दलित छात्रा को आखिरकार मानवाधिकार संगठन की पहल के बाद न्याय मिल गया। लंबे प्रयासों के बाद छात्रा का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित हो सका। जिससे पीड़ित मां-बेटी ने राहत की सांस ली। अरतरा गांव निवासी अनीता अनुरागी ने बताया कि दस वर्ष पूर्व उसकी शादी राठ तहसील निवासी देवेंद्र कुमार के साथ हुई थी। पारिवारिक विवाद और उत्पीड़न के चलते वह ससुराल छोड़कर मायके में रह रही हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने अपनी बेटी का प्रवेश कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराने का प्रयास किया। लेकिन विद्यालय प्रशासन ने दूसरे ब्लॉक का हवाला देकर प्रवेश देने से इंकार कर दिया। पीड़ित महिला ने मानवाधिकार सुरक्षा एवं अपराध निरोधक संगठन से संपर्क किया। संगठ...