रुद्रपुर, फरवरी 28 -- दिनेशपुर। संवाददाता तराई क्षेत्र में पानी की कमी को देखते हुए सरकार ने इस वर्ष गर्मी की धान की खेती पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस बीच बिना अनुमति धान की नर्सरी तैयार करने वाले किसानों पर प्रशासन ने कार्रवाई की। गदरपुर में एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने कई एकड़ खेतों में ट्रैक्टर चलवाकर धान की पौध नष्ट करा दी। मामले ने तूल पकड़ा तो गदरपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि मानवता के आधार पर किसानों को राहत दी जानी चाहिए। उनका सुझाव है कि तैयार धान की पौध को किसान पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में बेच सकते हैं, जिससे उनका कुछ नुकसान पूरा हो सके। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र की कम से कम 10 प्रतिशत कृषि भूमि पर धान लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि किसा...