प्रयागराज, मार्च 8 -- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सबद संस्थान में व्याख्यान आयोजित किया गया। अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुप्रिया पाठक ने कहा कि स्त्री मुक्ति का सवाल मानवता की मुक्ति से जुड़ा हुआ है, जो सामाजिक संरचना में गहरे रूप में जड़ जमाए है। स्त्री मुक्ति का सवाल व्यापक अर्थों में मानवता की रक्षा का विमर्श है। आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। इसके बावजूद सामाजिक वास्तविकताएं अभी भी चुनौतीपूर्ण हैं। अध्यक्षता कर रहीं पद्मा सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत काम के घंटे, भूख व शांति के सवाल पर हुई थी, आज यह तीनों खतरे में हैं। आभार ज्ञापन सुनीता साह ने किया। प्रो. बसंत त्रिपाठी, डॉ. लक्ष्मण गुप्ता, कल्पना वर्मा, आंशी अग्निहोत्री, शिवांगी, पूजा, अं...