बांका, जुलाई 16 -- चान्दन ( बांका )। एक ओर बिहार सरकार "विकसित बिहार" के संकल्प को साकार करने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर योजनाओं के धरातल पर कार्य कर रहे संविदा एवं मानदेय आधारित कर्मी लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी का सामना करने को विवश हैं।

कर्मियों की समस्याएँ प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़े कर्मियों ने बताया कि उन्हें पिछले सात से आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मियों का कहना है कि नियमित आय नहीं होने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, बिजली बिल, इलाज सहित दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी प्रभावित हो रही है। क...