नई दिल्ली, अगस्त 10 -- माथे पर लगाया जाने वाला मोहिनी तिलक प्राचीन काल से आकर्षण और सौम्यता बढ़ाने का पारंपरिक उपाय माना जाता है। तुलसी, केसर और अष्टगंध से बना यह तिलक पूरी तरह प्राकृतिक होता है। इसे आज्ञा चक्र पर लगाने से व्यक्तित्व में निखार आता है और मन शांत रहता है। आइए जानते हैं इसकी सही बनाने की विधि और महत्व।मोहिनी तिलक का पारंपरिक महत्व मोहिनी तिलक को आकर्षण बढ़ाने वाला माना जाता है, लेकिन इसका असली महत्व आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी है। तुलसी पवित्रता का प्रतीक है, तो केसर उर्जा और सुगंध देता है। अष्टगंध मन को स्थिर रखने में मदद करता है। इसे सम्मोहन के चमत्कार की तरह देखने की बजाय प्राकृतिक और आरोग्य बढ़ाने वाले उपाय के रूप में अपनाना चाहिए। इस तिलक को नियमित लगाने से चेहरे पर सौम्यता आती है और व्यक्तित्व प्रभावशाली बनता है। क्...