संभल, मई 10 -- विकासखंड असमोली क्षेत्र के गांव हैदरपुर उर्फ हाजीपुर में रविवार को मातृ दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मातृ शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को मां के प्रेम, त्याग और संस्कारों की अहमियत समझाई गई। महाराज खुशीराम ने प्रवचन देते हुए कहा कि मां अपने बच्चों का पालन-पोषण स्नेह, करुणा और प्रेम से करती है। मां की उपस्थिति परिवार को खुशियों से भर देती है और उसका स्नेह बच्चों के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है। उन्होंने कहा कि मां ही बच्चों की पहली गुरु होती है। जो उन्हें बोलना, चलना, संस्कार, प्रेम और जीवन के मूल्यों की शिक्षा देती है। यह भी पढ़ें- ममता, त्याग और स्नेह का प्रतीक है मां मातृ दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि माताओं के त्याग, बलिदान और योगदान को सम्मान देने का अवसर है। यह दिन हमें अपनी...