लखनऊ, जुलाई 26 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन ने कहा कि युवाओं को केवल मोबाइल तक सीमित रहने के बजाय समाज और राष्ट्र के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को किसी आवरण की नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों को समझने की आवश्यकता है। यह बात उन्होंने रविवार को विश्व संवाद केन्द्र में आयोजित 'मातृभूमि स्तवन' पुस्तक के लोकार्पण समारोह में कही। स्वांतरंजन ने कहा कि जब राष्ट्र और सनातन का विचार साथ आता है तो उसका महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से पुस्तकों को पढ़ने, उन पर लिखने और उनके विचारों को समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य अच्छे व्यक्तियों का निर्माण और उनके गुणात्मक विकास का है। शाखा में स्वयंसेवकों को अपने अनुभव नियमित रूप से डायरी में लिख...