मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 18 -- मुजफ्फरपुर, वसं। सिकंदरपुर गोशाला में रामलीला के सातवें दिन गुरुवार को माता सीता हरण का मंचन हुआ। सीता हरण के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविह्वल कर दिया। जयंत ने कौवे का रूप धारण किया और श्रीराम की परीक्षा लेने के लिए माता सीता के पैरों में चोंच मारी। श्रीराम ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया, जिससे जयंत की एक आंख निकल गई और वह भाग गया। बाद में नारदजी के कहने पर श्रीराम ने जयंत को क्षमा कर दिया, लेकिन एक आंख का दंड भुगतना पड़ा। श्री राम, सीता और लक्ष्मण अपने वनवास के दौरान पंचवटी में कुटिया बनाकर रह रहे थे। रावण के कहने पर मारीच ने एक सुंदर, सोने के हिरण (स्वर्ण मृग) का रूप धारण किया और कुटिया के पास आया। सीता इस हिरण को देखकर मोहित हो गईं और राम से उसे पकड़ने का आग्रह किया। सीता की इच्छा पूरी करने के लिए राम उस हिर...